हाल ही में तिरुपति के लड्डू में घी की मिलावट और उसमें मांस आधारित तत्व पाए जाने के विवाद के बीच भारत के प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को घी की आपूर्ति को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। अमूल ने साफ तौर पर कहा है कि उसने कभी भी टीटीडी को घी की आपूर्ति नहीं की है।

अमूल ने 24 दिसंबर को जारी अपने बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को अमूल घी की आपूर्ति की जा रही थी, जो पूरी तरह से गलत है। कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि उसने कभी भी तिरुपति मंदिर को घी नहीं दिया है और उसके उत्पाद शुद्ध दूध से बनते हैं, जो हर गुणवत्ता परीक्षण पर खरे उतरते हैं।

अमूल ने यह भी बताया कि उनका घी पूरी तरह से दूध से ही तैयार किया जाता है और इसे बनाने की प्रक्रिया उनके आधुनिक उत्पादन संयंत्रों में होती है, जो आईएसओ प्रमाणित हैं। उन्होंने कहा कि उनका घी शुद्ध दूध वसा से बनता है, और इस पर सख्त गुणवत्ता नियंत्रण होता है, जो FSSAI के सभी मानदंडों के अनुसार है।

 

 

इस विवाद के बारे में सोशल मीडिया पर भी तमाम दावे किए जा रहे थे कि टीटीडी ने घी के पुराने सप्लायर नंदिनी की जगह अमूल को चुना है। इन दावों को लेकर भक्तों के बीच काफी नाराजगी थी। इसके साथ ही, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) द्वारा यह दावा किया गया कि तिरुपति लड्डू में "बीफ टैलो" (गाय की चर्बी) और मछली का तेल जैसी घटिया सामग्री शामिल है, जिसके चलते भक्तों में काफी रोष फैल गया।

हालांकि, अमूल ने इन सभी आरोपों को गलत ठहराते हुए स्पष्ट किया कि वह अपने उत्पादों की उच्च गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह के झूठे दावों के खिलाफ उचित कदम उठाएगा।

अमूल घी पिछले 50 वर्षों से भारत का सबसे भरोसेमंद घी ब्रांड है, और यह भारतीय घरों का एक अभिन्न हिस्सा बना हुआ है। कंपनी ने गलत सूचना अभियान के खिलाफ़ कड़ा रुख अपनाते हुए इसे बंद करने की अपील की है।